हिमाचल विधानसभा में चार अहम विधेयक पास, स्टांप शुल्क बढ़ोतरी पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

Parthadmin

शिमला। विधानसभा में स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी व महिलाओं को छूट देने से संबंधित भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन), विधेयक 2026 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने संशोधन का विरोध कर कहा कि इस बढ़ोतरी से आम आदमी पर मार पड़ेगी। शपथ पत्र पर 20 के बजाय 100 रुपये शुल्क लगेगा। उन्होंने कहा कि कई शुल्क 1,000 से 2,000 रुपये तक किए हैं।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा, महिलाओं की जमीन-जायदाद में भागीदारी बढ़े, इसलिए सरकार यह संशोधन लाई है। विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस संशोधन से सीधे 49 तरह के शुल्क बढ़ जाएंगे, जो तर्कसंगत नहीं है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ने बिहार और महाराष्ट्र सरकार के समान शुल्क लगाया है।

अतिक्रमण पर बहू को चुनाव लड़ने से रोकने पर भाजपा को आपत्ति

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 भी चर्चा के बाद पारित कर दिया। हालांकि अतिक्रमण करने पर बहू के चुनाव लड़ने पर भाजपा ने नाराजगी जताई। रणधीर शर्मा ने कहा कि जब माता-पिता के परिवार के आधार पर महिला की जाति तय होती है तो उस स्थिति में बहू को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित करना अलोकतांत्रिक है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि किसी महिला विशेष के चुनाव लड़ने पर सरकार की आपत्ति थी, जिस कारण यह संशोधन लाया गया।

सड़कों को नुकसान पहुंचाने का विधेयक पारित, जुर्माने का प्रविधान

प्रदेश में सड़कों को नुकसान पहुंचाने, किनारे पर मलबा फेंकने, अवैध कब्जा करने या अपने खराब वाहनों को सड़क पर छोड़ने से संबंधित हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी पारित कर दिया। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य ने इस संशोधन विधेयक को सदन में पारित करने के लिए प्रस्तुत किया। अब सड़क खोदने या नुकसान पहुंचाने, बिना अनुमति सड़क काटने, पुलों या नालियों को तोड़ने, सड़क को वापस ठीक करने में आने वाले खर्च का पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

युद्ध जागीर राशि 10 हजार रुपये हुई

स्वास्थ्य एवं सैनिक कल्याण मंत्री डा. धनी राम शांडिल की तरफ से विधानसभा में हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 (2026 का विधेयक संख्यांक 15) को पारित कर दिया गया। इसके अनुसार अब युद्ध जागीर राशि को सात हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये वार्षिक किया है।

Share This Article
Leave a Comment