बंडा जहरीली शराबकांड: पहले 9, फिर 22 मौतें… कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बढ़ा सस्पेंस

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सतना: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को सतना दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया के सवालों का जवाब दिया. सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौत के आंकड़ों को लेकर जब मंत्रीजी से सवाल पूछा तो उन्होंने पहले उन्होंने आंकड़ा 9 बताया फिर एक शख्स की जानकारी के बाद अपडेट कर 22 बताया. उन्होंने चित्रकूट सहित जिलेभर में बाढ़ पीड़ितों की मदद की बात भी कही.

‘पहले 9 फिर बताया 22 लोगों की हुई मौत’

सतना पहुंचे कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब सागर के बंडा में हुई जहरीली शराब से मौत के आंकड़ों का सवाल किया तो उन्होंने कहा कि 9 मौतें हुई है. इसके बाद वहां मौजूद शख्स ने उन्हें अपडेट किया और फिर उन्होंने मीडिया से कहा कि 22 मौत हो चुकी हैं.

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “जहरीली शराब से 22 मौत हुई हैं. यह बेहद ही दुःखद है. इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है. इसमें तत्काल एसडीओपी समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. कुछ लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. इसमें जो भी अधिकरी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

‘बाढ़ पीड़ितों को मिलेंगी सुविधाएं’

चित्रकूट में बाढ़ को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “आरबीसी की जितनी सहायता है वो हम करेंगे ही. इसके अलावा जनभागीदारी से हम सहयोग प्रदान कर रहे हैं. हमने बाढ़ पीड़ितों के लिए इंदौर से 2 ट्रक सामान भेजा है. जिसमें कपड़े, सड़ियां, चटाइयां जैसा सभी सामान भेजा गया है. जहां-जहां जैसी जैसी आवश्यकता पड़ेगी मदद की जाएगी. जन सहयोग से भी लोगों को जितनी ज्यादा सुविधा दे सकते हैं हम सुविधाएं देंगे. जो प्रधानमंत्री आवास की योग्यता रखते हैं उनको प्रधानमंत्री आवास भी देंगे.”

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया ट्विट

बंडा में जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी टिप्पणी की है. बंडा शराबकांड को लेकर राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं. जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, मगर पूरे मध्य प्रदेश को पता है आगे क्या होगा – कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है.

कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई. पिछले साल जहरीली कफ सीरप से जाने कितने छोटे बच्चों की जान चली गई. दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला. नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है – अगले हादसे तक.

20 साल से ज्यादा समय से BJP की सरकार मध्य प्रदेश में है. हादसे की कोई रोकथाम नहीं, उसके बाद नाम की कार्रवाई – कहां है जवाबदेही? आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी?

निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं – जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो.”

बंडा में शराब से मौतों पर कई सवाल

जहां तक बंडा में जहरीली शराब से मौतों की बात की जाए तो यहां हुई मौत के आंकड़ों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. कांग्रेस का दावा 50 मौतों का है लेकिन प्रशासन सिर्फ 13 मौतों की बात स्वीकार कर रहा है. सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रभावित गांवों का दौरा किया था. वहीं इस मामले में अब सतना में कैलाश विजयवर्गीय 22 मौत होना बता रहे हैं.

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