महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन तुतारी’ की चर्चा तेज, शरद पवार-शिंदे की मुलाकात से बढ़ीं अटकलें

Parthadmin

मुंबई । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल की चर्चा तेज हो गई है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बाद अब ‘ऑपरेशन तुतारी’ की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार की बुधवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकात और उससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े तथा राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल की मुलाकात ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।

इन घटनाक्रमों के बीच ऐसी चर्चा है कि NDA में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के भीतर नाराजगी बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, पार्टी के विधायक रोहित पवार ऐसे किसी भी राजनीतिक फैसले के पक्ष में नहीं हैं और इसका विरोध कर रहे हैं।

शरद पवार–एकनाथ शिंदे की मुलाकात से बढ़ीं चर्चाएं

बुधवार को शरद पवार ने विधानभवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, शरद पवार के पहुंचने की सूचना मिलते ही एकनाथ शिंदे ने अपनी चल रही बैठक कुछ समय के लिए छोड़कर उनसे मुलाकात की। हालांकि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विनोद तावड़े–जयंत पाटिल की मुलाकात भी चर्चा में

कुछ दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल की मुलाकात भी सामने आई थी। इन लगातार हो रही बैठकों के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) और सत्तारूढ़ NDA के बीच राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

पार्टी के भीतर नाराजगी, रोहित पवार बताए जा रहे विरोध में

मिली जानकारी के अनुसार, NDA में शामिल होने की संभावना को लेकर पार्टी के भीतर एक राय नहीं है। कुछ नेताओं ने इस पर असहमति जताई है। वहीं, विधायक रोहित पवार इस संभावित फैसले के विरोध में बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि वह महाविकास आघाड़ी के साथ बने रहने के पक्षधर हैं।

क्या रोहित पवार जल्द करेंगे अपनी भूमिका स्पष्ट?

पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच ऐसी भी जानकारी सामने आ रही है कि रोहित पवार जल्द ही इस पूरे मुद्दे पर अपनी सार्वजनिक भूमिका स्पष्ट कर सकते हैं। ऐसे में उनकी प्रतिक्रिया पर पार्टी के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीति की भी नजर बनी हुई है।

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