फडणवीस vs उद्धव: राम मंदिर विवाद पर सियासी बयानबाजी तेज

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से कथित चोरी को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा शुरू किए गए “रामरक्षा आंदोलन” पर उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उद्धव ठाकरे को आखिरकार भगवान राम की याद आई. साथ ही कहा कि राम के रास्ते पर चलना उनके लिए फायदेमंद होगा.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को चंद्रपुर जिले के अपने पैतृक गांव ‘मूल’ में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये बातें कहीं. उद्धव ठाकरे के राज्यव्यापी “रामरक्षा आंदोलन” के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकरे ने पहले राम का रास्ता छोड़ दिया था, जिसके कारण उनकी पार्टी का पतन हुआ.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “मुझे खुशी है कि उद्धव ठाकरे को आखिरकार भगवान राम की याद आई. उन्होंंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे राम के रास्ते पर चलते हैं, तो यह उनके लिए अच्छा होगा. मुझे उम्मीद है कि वह न केवल आज, बल्कि हर दिन रामरक्षा का पाठ करेंगे.”

मंदिर लूटने वालों को नहीं बख्शेंगे

इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर कोई हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उन्हें बख्शेंगे नहीं.” उद्धव ठाकरे ने कहा, “जब इस देश में सत्ता संभाली जा रही थी, तब श्री राम के जयकारे लगाए गए थे. मुझे नहीं लगता कि किसी और पार्टी ने राम मंदिर के लिए उतना काम किया है जितना शिव सैनिकों ने किया है. उन्होंने शिला पूजन और रथ यात्रा में हिस्सा लिया और कार सेवा करने के लिए अयोध्या गए.

शिवसेना को खत्म करने की साजिश का आरोप

उन्होंने उस समय कई कार सेवकों ने अपना खून बहाया. मुंबई शहर ने ऐसी चीजें झेलीं जो शायद किसी और शहर ने नहीं झेली होंगी. उस समय, बालासाहेब ठाकरे लोगों के साथ खड़े थे. हिंदू डर और हमलों के साये में जी रहे थे और समर्थन की तलाश में थे. तभी उनके हाथों में शिवसेना का भगवा झंडा थमाया गया.” शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, “बारह साल बीत चुके हैं, और जिस व्यक्ति के लिए हमने इतनी मेहनत की, वह अब प्रधानमंत्री के पद पर हैं. फिर भी, बाद में उन्होंने अफजल खान की तरह ही शिवसेना को खत्म करने की कसम खाई.”

काशी और मथुरा को किस हद तक लूटेंगे?

बीजेपी के नारे-“अयोध्या तो बस एक ट्रेलर था; काशी और मथुरा अभी बाकी हैं”- का जिक्र करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख ने कहा, “अगर अयोध्या सिर्फ एक झलक थी, तो वे काशी और मथुरा को किस हद तक लूटेंगे? हमें लगा था कि सत्ता में एक ‘भगवा’ सरकार आई है. अटल-जी ने कहा था, ‘अब हिंदुओं को चोटें नहीं सहनी पड़ेंगी,’ फिर भी आज ऐसी सरकार सत्ता में है जो खुद हिंदुओं को लूट रही है. यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं अकेला ऐसा आरोप नहीं लगा रहा हूँ; कई और लोग भी ऐसा कर रहे हैं.

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