भोपाल: मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल करीब 14 महीने बाद प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करने जा रहे हैं. प्रदेश की जवाबदारी संभालने के बाद यह हेमंत की पहली बैठक है. दतिया विधानसभा उपचुनाव के पहले स्थगित की गई ये कार्यसमिति बैठक उस समय हो रही है जब दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यसमिति का एलान हो चुका है और मध्य प्रदेश को इसमें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है.
निगम मंडलों में रुकी हुई नियुक्तियों पर कार्यसमिति की बैठक के बाद एक बार फिर ब्रेक हट सकता है. उधर, दतिया उपचुनाव में मिली हार पर भी मंथन होना तय है. इस कार्यसमिति में रष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश से चुने गए पार्टी के नेताओं का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा. ओरछा में 30 और 31 अगस्त को बीजेपी की ये बैठक होगी.
बीजेपी की कार्यसमिति का क्या है एजेंडा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पदभार ग्रहण करने के पूरे एक साल दो महीने बाद मध्य प्रदेश में प्रदेश कार्यकारिणी होने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया, “भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की तिथि पहले घोषित की थी, परंतु दतिया उपचुनाव के कारण आगे बढ़ाई गई थी.”
2028 के विधानसभा चुनाव पर टिकी नजरें
प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विचार किया जाएगा. 2028 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य करते हुए बीजेपी अभी से जुटेगी. इसमें बूथ सशक्तिकरण के अलावा संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग को लेकर खाका तैयार होगा. इसके साथ ही कैसे मोहन सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जाए इस पर जोर होगा.
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की ये बैठक ओरछा में 30 अगस्त को शुरू होगी, जो 31 अगस्त दोपहर बारह बजे खत्म हो जाएगी. बैठक में केन्द्रीय मंत्री, कोर समिति, राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, संभाग प्रभारी और मोर्चाे के अध्यक्ष सहित लगभग 300 नेतागण शामिल होंगे. मंगलवार को बैठक के पहले तैयारियों को लेकर टोली बैठक भी बुलाई गई. 29 अगस्त से यहां बीजेपी के पदाधिकारी पहुंचेंगे.