धार इमामबाड़ा विवाद में हाईकोर्ट का फैसला, ताजिया निर्माण की मिली अनुमति

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धार : मध्य प्रदेश के धार में स्थित सरकारी इमामबाड़े में ताजिया निर्माण के विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए मोहर्रम के त्योहार के मद्देनजर इमामबाड़े में ताजिया निर्माण की अनुमति दे दी है. इस आदेश के साथ याचिकाकर्ताओं को 1 जुलाई की अवधि तक सरकारी इमामबाड़े की चाबियां सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं.

क्या है धार का इमामबाड़ा विवाद?

दरअसल, धार के सरकारी इमामबाड़े क्षेत्र को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग ने आपत्ति दर्ज कराई थी और वहां अपना हक बताते हुए उस पर मोहर्रम के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति देने से मना कर दिया था. इस मामले को लेकर धार के ही रहने वाले एक याचिकाकर्ता ने इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में याचिका दायर की थी.

1 जुलाई तक इमामबाड़े में कार्यक्रम की अनुमति

इमामबाड़े में मोहर्रम के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति को लेकर पिछले दिनों याचिकाकर्ता मोहम्मद सिद्दीकी की ओर से इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया, ” विगत कई वर्षों से धार के इमामबाड़े पर मोहर्रम के दौरान कार्यक्रम करते आए हैं, और अचानक पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कार्यक्रम की अनुमति देने से मना कर दिया गया है.” कोर्ट ने इस दौरान संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया और दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता को 1 जुलाई तक धार के इमामबाड़े में कार्यक्रम करने की अनुमति दी है.

आगे भी होगी मामले की सुनवाई

कोर्ट ने भले ही मुहर्रम के मद्देनजर सरकारी इमामबाड़े में ताजिया निर्माण व अन्य कार्यक्रमओं की अनुमति दे दी है, पर आने वाले दिनों में इस विवाद पर आगे सुनवाई होगी. हाईकोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के एडवोकेट नूर अहमद शेख के द्वारा तमाम तरह के तर्क दिए गए है, जिसके बाद अब इस पूरे मामले में अब 1 जुलाई बाद सुनवाई होगी. वहीं, इमामबाड़े को लेकर हाईकोर्ट का फैसला मुस्लिम समाज के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. फैसले के बाद लगभग 130 ताजिए क्षेत्र में निकाले जाएंगे, जिसके लिए 6 डीएसपी समेत 350 पुलिस जवानों की भी तैनाती की गई है.

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