उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मंथन, खट्टर-सीएम मोहन यादव ने की समीक्षा बैठक

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उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर शुक्रवार शाम दो बड़ी समीक्षा बैठकें आयोजित हुईं, जिनमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे. कलेक्टर कार्यालय में पहली बैठक नगरीय निकाय एवं स्वच्छ भारत मिशन तथा दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र को लेकर हुई. बैठक के बाद सभी मंत्री और संबंधित अधिकारी श्री महाकालेश्वर भगवान की शयन आरती में शामिल हुए. इस दौरान सीएम व केंद्रीय मंत्री ने नंदी हॉल में बैठकर शिव साधना की और पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया.

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन

शनिवार सुबह 11 बजे सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन होगा. करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण 2,935 करोड़ रु की लागत से किया जा रहा है. यह कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा.

इंदौर मॉडल को देशभर में किया जाएगा लागू : खट्टर

समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “संयोग से महाकाल की नगरी उज्जैन आने का अवसर मिला है. हमारे पास दो विभागों की जिम्मेदारी है. इन दोनों विभागों द्वारा मध्य प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई है. स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है. इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है. यहां की टीम सभी कार्यों को पूरा करेगी. सिंहस्थ में जीरो वेस्ट की अवधारणा को लेकर भी चर्चा हुई है.”

3,680 करोड़ रु की योजना स्वीकृत

उन्होंने आगे कहा, “स्वच्छता के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अच्छा काम कर रहा है. इंदौर कई वर्षों तक देश में नंबर-1 रहा है, जिससे अन्य शहरों को भी प्रेरणा मिली है. हमने अग्रणी शहरों के साथ छोटी नगरपालिकाओं को जोड़ा है, जिससे बेहतर परिणाम मिले हैं. हम इंदौर मॉडल को देशभर में लागू करेंगे. इस पर भी चर्चा हुई है. लगभग 3,680 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें भारत सरकार 2,036 करोड़ रुपये का योगदान दे रही है.”

प्रमुख जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने पर जोर

18,400 करोड़ रु की लागत से नर्मदा सहित प्रमुख जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए कार्य किए जाएंगे. एसटीपी लगाकर पानी को पुन उपयोग योग्य बनाया जाएगा. इस संबंध में 353 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 150 से अधिक के जल्द पूर्ण होने की संभावना है. इससे नर्मदा सहित अन्य प्रमुख जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी.

अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहरी विकास मंत्रालय ने 4 वर्षों के लिए एक लाख करोड़ रु की राशि घोषित की है. इस राशि से देशभर में विकास कार्य किए जाएंगे. मध्य प्रदेश में इस मद में 4,600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

ऊर्जा विभाग की समीक्षा

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “देशभर में बिजली वितरण कंपनियों पर लगभग 7 लाख करोड़ रु का वित्तीय घाटा है, जिसमें मध्य प्रदेश का हिस्सा 71,000 करोड़ रु है. पिछले कई वर्षों से इस घाटे को चरणबद्ध तरीके से कम करने पर विचार किया जा रहा है. विशेष रूप से सब्सिडी का बोझ कम करने के लिए सौर ऊर्जा, पीएम सूर्य घर बिजली योजना और कुसुम योजना को और अधिक बढ़ावा देने पर चर्चा हुई है.”

20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य

उन्होंने बताया कि देशभर में 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से एक करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर केवल मध्य प्रदेश में लगाए जाएंगे. इस कार्य को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है. आधे टेंडर पहले ही हो चुके हैं और शेष टेंडर भी जल्द जारी किए जाएंगे.

सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारी तेज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “उज्जैन में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला सिंहस्थ 2028 आयोजित होने वाला है. इसकी व्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री स्वयं दिल्ली से उज्जैन पहुंचे हैं और समीक्षा बैठक कर रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के साथ विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया है. उन्होंने महाकाल के दर्शन करने के बाद सिंहस्थ क्षेत्र का भी निरीक्षण किया है.”

सीएम मोहन यादव ने कहा, “शनिवार सुबह इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन होगा. मध्य प्रदेश सरकार सभी विभागों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है. मुझे लगता है कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि भारत सरकार के कोई मंत्री उज्जैन आकर प्रदेश की इस तरह विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं.”

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