नीला रंग अन्य दलों के प्रयोग करने पर मायावती को आपत्ति, बसपा मुखिया ने सपा के साथ कांग्रेस को घेरा

Parthadmin

लखनऊ: विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए बसपा सुप्रीमो और पूर्व सीएम मायावती इन दिनों लगातार सक्रिय दिखने लगी हैं. शुक्रवार को एक फिर उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि ये पार्टी डूबता हुआ जहाज है. डूबते हुए जहाज में कोई भी सवारी करना नहीं चाहता है. कांग्रेस पार्टी चाहती है कि बसपा से निकाले गए नेताओं को अपने पाले में ले आएं, लेकिन इस पार्टी में वह नेता भी जाना नहीं चाहते. इसके साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर नीला रंग अपने को लेकर भी तंज कसा.

वहीं अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को लेकर कहा कि उन्होंने मेरे कहने के बावजूद राजनीति से संन्यास लेने में देरी इसीलिए किया क्योंकि वे तरह-तरह के दबाव डलवा रहे थे. जब उन्हें लगा कि अगर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा नहीं की तो और भी बड़ा नुकसान हो सकता है, इसलिए अगले दिन उन्होंने ऐसा किया. बसपा सुप्रीमो ने समर्थकों से वादा किया है कि आने वाले वक्त में अशोक सिद्धार्थ के बारे में और भी बताया जाएगा.

नीला रंग अपनाने के कुछ नहीं होगा

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा ने अपने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा कि सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बीएसपी का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से और स्टेज में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से कुछ नहीं होगा. इनकी सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही जातिवादी, संकीर्ण, सामन्तवादी और पूंजीवादी सोच नहीं बदल सकती है.

दलितों के प्रति गिरगिट की तरह बदलते रंग

ये लोग दिल से अम्बेडकरवादी होने और कहलाने वाले नहीं हैं, इसीलिये ‘बहुजन समाज’ के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति पहले वे अपना दिल व दिमाग़ तो पाक-साफ करें. कहा कि वैसे भी ये लोग इन वर्गों के मामले में आए दिन गिरगिट की तरह ही रंग बदलते रहते हैं. ये कहते कुछ हैं और करते उसके ठीक विपरीत हैं. ख़ासकर, इनके सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा बईमान ही रहा है, जिसके अनेकों उदाहरण हैं, ये सभी जानते हैं.

आंबेडकरवादी पार्टी केवल बीएसपी

इन वर्गों की एकमात्र हितैषी व आंबेडकरवादी पार्टी केवल बीएसपी ही है, जो सभी जानते हैं. अन्य पार्टियों की तरह बीएसपी के जो भी लोग पार्टी में अनुशासनहीनता के कारण समय-समय पर निष्कासित कर दिये जाते हैं तो वे अधिकतर इन्हीं सब कारणों से अब तक कई पार्टी बदल चुके हैं, जो किसी से छिपा नहीं है. इसी से ही अन्दाजा लगा लेना चाहिए कि ये लोग पूरे स्वार्थी व अवसरवादी हैं और वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते हैं. इतना ही नहीं बल्कि जिनको पार्टी से निकाल दिया जाता है तो उनमें से कुछ लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर छोटी-छोटी पार्टियां व संगठन भी बना लेते हैं, जिनसे ‘बहुजन समाज’ का सामूहिक हित नहीं हो सकता है.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि ऐसी पार्टियां बिना किसी गठबन्धन के भी चुनाव नहीं लड़ सकती हैं. किसी भी पार्टी की सरकार बनने पर सरकार में शामिल हुए बिना भी नहीं रह सकती हैं, जो पार्टी से निकाले हुये लोगों को अक्सर अपनी पार्टी में लेने की बात करते हैं या उन्हें पार्टी बनाने की भी सलाह देते हैं तो वे पहले अपने गिरेबान में भी झांककर ज़रूर देख लें.

कांग्रेस में जाने का मतलब भविष्य अंधकार में डालना

ख़ासकर कांग्रेस पार्टी. ये पार्टी बसपा से निकाले हुये लोगों को अपनी पार्टी में लेने की बात कर रही है तो ऐसी पार्टी में जो डूबते जहाज़ की तरह है, उसमें भला कौन शामिल होकर अपने भविष्य को अन्धकार में डालेगा, जबकि ख़ासकर इस पार्टी से दूरी बनाने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपने जीते-जी बहुजन समाज के लोगों को अगाह (चेताया) भी किया था. यह सब वर्तमान हालात में पार्टी व मूवमेन्ट के हित में बीएसपी के लोगों को जानना व समझना भी बहुत जरूरी है तो यह उचित होगा.

आने वाले समय में अशोक सिद्धार्थ के राज से उठेगा पर्दा

मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ के बारे में लिखा कि ये बताना बहुत जरूरी है कि जिस दिन बीएसपी ने अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी तो उस दिन इन्होंने इनके ऊपर काफी दबाव पड़ने के बावजूद भी अपने संन्यास लेने की घोषणा तब तत्काल नहीं की थी, क्योंकि उस दिन यह पूरी रातभर इसे रुकवाने के लिए क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करते रहे. इसमें कामयाबी नहीं मिलने पर मजबूरी में अगले दिन यह सोचकर लगभग सुबह 6:30 बजे अपने संन्यास कि किन्तु-परन्तु वाली घोषणा की. उन्हें लगा कि कहीं ज्यादा देरी होने पर और भी बड़ा नुकसान न हो जाये. इसके बारे में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ ज़रूर बताया जाएगा.

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