मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
इस बैठक के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) एनडीए को समर्थन दे सकती है। साथ ही, एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की प्रक्रिया शुरू होने की भी चर्चा है।
बैठक में कौन-कौन से नेता थे मौजूद?
बैठक में शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, अजित पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल मौजूद थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में राज्य के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
विलय की चर्चाओं को मिली नई गति
मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हुई। वर्ष 2023 में पार्टी में हुई टूट के बाद एनसीपी दो हिस्सों में बंट गई थी। इसके बाद कई बार दोनों गुटों के फिर से एक होने की अटकलें सामने आईं, लेकिन उन्हें कभी आधिकारिक रूप नहीं मिला। अब ‘वर्षा’ बंगले पर हुई इस बैठक के बाद इन चर्चाओं को एक बार फिर बल मिला है।
एनडीए को समर्थन की अटकलें
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एनडीए को समर्थन दे सकती है। जानकारी के अनुसार, बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई। हालांकि, इस संबंध में किसी भी पक्ष या संबंधित नेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय, शरद पवार गुट या अजित पवार गुट की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल ये सभी दावे और चर्चाएं पर आधारित हैं।
यदि भविष्य में एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होता है, तो राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसे शरद पवार गुट के एनडीए के साथ आने के रूप में देखा जा सकता है।