MP विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, 5 दिन तक चलेगी कार्यवाही

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पांच दिवसीय यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा, जिसमें वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संशोधनों पर चर्चा होने की संभावना है।

सत्र के दौरान सरकार श्रम क्षेत्र से जुड़े छह अलग-अलग कानूनों को एकीकृत करने संबंधी विधेयक, सिंहस्थ मेला अधिनियम, कोचिंग संस्थानों के प्रबंधन से जुड़ा प्रस्तावित कानून, कालोनाइजर एक्ट सहित अन्य संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत कर सकती है।

विधायी कार्यों के लिए तय हुई समय-सीमा

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 24 जून तक स्वीकार की जाएंगी। वहीं अशासकीय संकल्पों के लिए 9 जुलाई तक और स्थगन प्रस्ताव तथा ध्यानाकर्षण सूचनाओं के लिए 14 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे।

सत्र में गरमा सकता है राज्यसभा चुनाव का मुद्दा

मानसून सत्र में राजनीतिक माहौल भी गर्म रहने के संकेत हैं। कांग्रेस राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

सत्र की अवधि को लेकर विपक्ष का हमला

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पांच दिवसीय सत्र पर सवाल उठाते हुए सरकार की मंशा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सत्र की अवधि कम करने का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही को सीमित करने का प्रयास है।

सिंघार का कहना है कि प्रदेश में किसानों की समस्याएं, युवाओं की बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बढ़ता कर्ज, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे अनेक गंभीर मुद्दे मौजूद हैं। ऐसे विषयों पर व्यापक चर्चा के लिए अधिक समय की आवश्यकता है, लेकिन सरकार जवाबदेही से बचने के लिए लगातार सत्र की अवधि सीमित कर रही है।

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