भोपाल: उज्जैन में बड़ी मात्रा में जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि उज्जैन में 500 करोड़ की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई. कांग्रेस ने सवाल किया कि कौन है, ट्रस्टी नंबर वन श्रीराम जी हैं, जो सरकार के सांस्कृतिक सलाहकार भी हैं. सरकार को बताना चाहिए कि आखिर 1 रुपए में 500 करोड़ की जमीन क्यों दी गई. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि उज्जैन में जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चुप है.
पटवारी ने पूछा क्या ओबीसी होने से मिल जाती है छूट
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा, “उज्जैन में एक ही परिवार के नाम सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद-बिक्री के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सामने आए. उन्होंने कहा कि एक ओबीसी जाति का मुख्यमंत्री बना जो कांग्रेस को पच नहीं रहा है. यह बीजेपी का आधिकारिक उत्तर आया है.”
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया, “इस तरह के बयान से बीजेपी मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस ने जब जमीन का सवाल किया तो अब बीजेपी ओबीसी कार्ड खेल रही है. ओबीसी होने का क्या यह मतलब है कि किसी भी गलत काम करने की छूट मिल जाए. मैं भी ओबीसी समाज से आता हूं, लेकिन मेरे वर्ग की हिस्सेदारी उसके आर्थिक तंत्र से नहीं है. भूमि खरीदी का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए.”
बीजेपी ने किया पलटवार
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा, “मुख्यमंत्री के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. कांग्रेस द्वारा 500 करोड़ की जो जमीन हस्तांतरण का आरोप लगाया गया है, वह वीर भारत न्यास को हस्तांतरण की गई है और यह ट्रस्ट संस्कृति मंत्रालय के अधीन बनाया गया है. सरकारी जमीन को सरकारी ट्रस्ट को दिया गया है. कांग्रेस झूठे आरोप लगाकर सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही है.”
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा, “जीतू पटवारी ने पढ़ना-लिखना बंद कर दिया है. राज्यसभा में कांग्रेस की जिस तरह की किरकिरी हुई है, उसके चलते अब कांग्रेस आरोप लगाने की ओझी राजनीति कर रही है. कर्नाटक में मल्लिकार्जुन खड़के पर निजी ट्रस्ट को जमीन दिए जाने के मामले की भी जांच करानी चाहिए.”
पवन खेड़ा बोले कांग्रेस ने सिर्फ आरोप पर हटाया था सीएम को
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस पूरे मामले की तुलना शेयर बाजार की इंसाइडर ट्रेडिंग से करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के पास मास्टर प्लान 2023 से जुड़ी तमाम गोपनीय जानकारी थी, कि कौन सी सड़क कहां से गुजरेगी और कहां क्षेत्र का विकास होगा. इसका दुरूपयोग करते हुए ही जमीनें खरीदी गई हैं. कांग्रेस ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में सिर्फ सास के नाम फ्लैट होने के आरोप पर अशोक चव्हाण का इस्तीफा ले लिया था, लेकिन मध्य प्रदेश में कोई कार्रवाई नहीं हुई, ऐसा ही पहले अरुणाचल के मामले में देखा जा चुका है.”