नई दिल्ली : यूक्रेन में भारतीय अरबपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलर-मित्तल के स्टील प्लांट में कामकाज आंशिक रूप से रोक दिया गया है. रूस के हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूस के हमले के बाद यूक्रेन में लक्ष्मी मित्तल का आर्सेलर-मित्तल प्लांट आंशिक रूप से बंद हो गया. रूस के सरकारी अखबार रोसिया गजेटा के अनुसार हमला रविवार को हुआ था. हमले में क्रिवी रिह स्थित प्लांट की अहम ऊर्जा और ब्लास्ट फर्नेस प्रोडक्शन सुविधाओं को नुकसान पहुंचा. इससे ऊर्जा आपूर्ति और ब्लास्ट फर्नेस के कामकाज से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा.
कंपनी ने कहा कि खोज और बचाव अभियान चल रहा है और घटनास्थल पर दमकलकर्मी, बचावकर्मी और मेडिकल टीम मौजूद हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि “यूक्रेन के सबसे बड़े स्टील प्लांट, आर्सेलर-मित्तल क्रिवी रिह ने रूसी हमलों के बाद आंशिक रूप से कामकाज बंद करने की घोषणा की.” इस प्लांट को यूक्रेन के रणनीतिक आर्थिक और सुरक्षा ढांचे का अहम हिस्सा बताया गया है.
द कीव पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में हुए एक मिसाइल हमले में प्लांट की एक रोलिंग मिल नष्ट हो गई थी और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी.
आर्सेलर-मित्तल क्रिवी रिह, यूक्रेन की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी है और देश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में से एक है. यह प्लांट क्रिवी रिह में स्थित है, जो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का गृहनगर है. स्टील प्लांट पर हुआ हमला, 16 अगस्त को पूरे यूक्रेन में रूस की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक कड़ी का हिस्सा था.
इस हमले से पहले यूक्रेन ने रूस पर सैकड़ों ड्रोन से हमला किया. यह युद्ध के दौरान कीव के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक था, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई. मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने इस हमले को “हाल के समय के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक” बताया.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रात भर में पूरे देश में 822 ड्रोन को रोका. मॉस्को क्षेत्र में एक निजी घर पर यूक्रेनी ड्रोन गिरने से 83 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई. उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के एक और हमले के कारण पोडोलस्क शहर में ‘वाइल्डबेरीज’ के गोदाम में आग लग गई. यह रूस का सबसे बड़ा ऑनलाइन रिटेलर है और देश की सबसे अमीर महिला, अरबपति तात्याना किम की कंपनी है. मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि रूस की राजधानी की ओर बढ़ते हुए लगभग 600 ड्रोन का पता चला, जिनमें से एक-तिहाई को मॉस्को क्षेत्र के ऊपर ही नष्ट कर दिया गया.