हैदराबाद: डिजिटल ट्रांजैक्शन को और अधिक आसान और तेज बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्ना संजय मलहोत्रा ने आधिकारिक तौर पर UPI टैप एंड पे फीचर को लॉन्च कर दिया है. इस नए फीचर के आने के बाद अब ग्राहकों को भुगतान करने के लिए न तो किसी यूपीआई ऐप को खोलने और खोजने की जरूरत होगी और न ही QR कोड स्कैन करना पडेगा.
कैसे काम करता है UPI Tap & pay?
यह नई तकनीक NFC (Near Field Communication) पर आधारित है. इसका इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स के पास सिर्फ एक NFC-सपोर्टेड स्मार्ट फोन होना चाहिए, पेमेंट करने के लिए ग्राहकों को बस अपना फोन अनलॉक करना होगा और उसे मर्चेट के POS (Point of Sale) टर्मिनल यानी स्वाइप मशीन के पास ले जाकर टैप करना होगा. ऐसा करते ही ट्रांजैक्शन तुरंत पूरी हो जाएगी.
बना इंटरनेट भी करेगा काम
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम या खराब नेटवर्क वाले इलाकों में भी बेहद सुचारु रुप से काम करेगा. पेमेंट के दौरान यदी ग्राहक के फोन में मोबाइल डेटा या इंटरनेट सक्रिय नहीं है, तब यह भुगतान आसानी से हो जाएगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि यह तकनीक मर्चेंट के POS टर्मिनल के इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करके ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करती है.
पीन और लिमिट के नियम
सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए NPCI ने इसके लिए कुछ नियम तय किए हैं.
- ₹5,000 तक की पेमेंट: यदी ट्रांजैक्शन राशि 5,000 रुपये या उससे कम है, तो यूजर्स को कोई भी UPI पीन डालने की जरुरत नहीं होगी, जिससे पेमेंट पलक झपकते ही हो जाएगी.
- ₹5,000 से अधिक की पेमेंट: यदी भुगतान 5,000 रुपये से ज्यादा का है, तो सुरक्षा के लिहाज से मचैंट के PoS टर्मिनल पर अपना UPI PIN दर्ज करना अनिवार्य होगा.
सभी मुख्य ऐप्स पर मिलेगा सपोर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर किसी एक विशेष पेमेंट प्लेटफॉर्म तक सीमीत नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM जैसे सभी प्रमुख थर्ड-पार्टी ऐप्स के यूजर्स इस सर्विस का लाभ उठा सकेंगे. इसके अलावा, यह सुविधा सामान्य बैंक खातों के साथ-साथ UPI से लिंक किए गए RuPay क्रेडिट कार्ड को भी सपोर्ट करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा.