वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर दलीप ट्रॉफी में मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं क्योंकि ईस्ट जोन ने फाइनल में जगह बना ली है. उन्होंने मंगलवार को मौजूदा चैंपियन सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर 13 साल बाद टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की की. टीम की जीत में वैभव सूर्यवंशी और मुकेश कुमार ने अहम योगदान दिया.
बेंगलुरु में खेले गए टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मैच में ईस्ट जोन ने तीसरे दिन 159 रनों के लक्ष्य को 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया. जिसमें वैभव के 43 गेंद में 40 और कप्तान ईशान किशन के 41 गेंद में नाबाद 39 रन सबसे ज्यादा थे. वैभव ने पहली पारी में 92 रनों की शानदार पारी खेली थी. सेंट्रल जोन के लिए हर्ष दुबे ने चार विकेट लिए, लेकिन गेंदबाजों के बचाव के लिए 159 रन काफी नहीं थे.
दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे. शमी और मुकेश की खतरनाक गेंदबाजी की वजह से सेंट्रल जोन दूसरी पारी में बड़ा स्कोर नहीं कर सकी. टीम के बड़े खिलाड़ी कप्तान पाटीदार 5 रन और रिंकू सिंह 20 रन बनाकर आउट हो गए. जिससे उनकी टीम 158 रनों पर ही ढेर हो गई. शमी ने तीन और मुकेश ने चार विकेट चटकाए. मैच में कुल सात विकेट लेने के लिए मुकेश कुमार को ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड दिया गया.
सूर्यवंशी का मैच में शानदार प्रदर्शन
पहले मैच में कुछ खास न कर पाने वाले वैभव इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने मैच में 20 ओवर कप्तानी भी की. जब नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होकर पवेलियन लौट गए थे. इस दौरान वैभव ने टीम के लिए एक सफल रिव्यू भी लिया.
सबसे अहम बात यह है कि उन्होंने पहली पारी में 81 गेंदों पर 92 रन बनाकर टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान भी दिया. इसके साथ वह दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. 15 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरी पारी में भी 40 रन बनाए, जिससे इस मैच की दोनों पारियों में उनके कुल 132 रन हो गए.
ईशान किशन का अजेय रिकॉर्ड जारी
ईशान किशन ने 15 फर्स्ट-क्लास मैचों में टीमों की कप्तानी की है और उनकी कप्तानी में कोई भी टीम कभी नहीं हारी. उनकी टीम ने आठ मैच जीते, जबकि सात मैच ड्रॉ पर खत्म हुए.
अब ईस्ट जोन का फाइनल मुकाबला नॉर्थ जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे दुसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा. टूर्नामेंट का फाइनल मैच 6 सितंबर को खेला जाएगा.