भोपाल: सोयाबीन पर रिसर्च के लिए मध्य प्रदेश में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट (NSRI) की यूनिट लगने जा रही है. राज्य सरकार ने इसके लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है. यह संस्थान प्रदेश में सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ाने, इसमें लगने वाले रोग और नए बीज उत्पादन की दिशा में काम करेगा. उधर कैबिनेट की बैठक में राजधानी भोपाल से विदिशा को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी गई है. 1757 करोड़ की लागत से भोपाल विदिशा के बीच 44.83 किलोमीटर मार्ग को दो लेन से चार लेन का किया जाएगा. इसके तहत तीन नए बायपास का भी निर्माण किया जाएगा. कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
चार लेन का होगा भोपाल विदिशा मार्ग
भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किए जाने के लिए आसपास के शहरों को जोड़ने के प्रयास चल रहे हैं. इन शहरों को भोपाल से जोड़ने की दिशा में भोपाल से विदिशा के बीच 4 लेन के नए मार्ग बनाने की कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है. 1757 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 44.83 किलोमीटर लंबे मार्ग में पेव्ड शोल्डर सहित चार लेन का किया जाएगा. यह मार्ग अयोध्या नगर बायपास स्थित भानपुर टी जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज, सलामतपुर होते हुए सांची सलामतपुर जंक्शन तक पहुंचेगा. इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें तीन बायपास का भी निर्माण किया जाएगा. इसमें 1.80 किलोमीटर लंबा सूखी सेवनिया बायपास, 1.35 किलोमीटर का बेरखेडी बायपास और 5.10 किलोमीटर लंबा सलामतपुर बायपास भी तैयार किया जाएगा. मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने कहा कि “इस मार्ग के बनने से भोपाल के अलावा विदिशा को भी बड़ा बाजार मिलेगा. यहां नए उद्योग के रास्ते खुलेंगे.”
2031 तक बढ़ा भोपाल बायपास टोल
मंत्री ने कहा कि भोपाल बाईपास फोर लेन बीओटी टोल परियोजना में पिछले दो साल में 145.87 करोड़ रुपए का टोल प्राप्त हुआ है. 77 करोड़ रुपए के हिसाब से हर साल टोल वसूली की जाती है. इसका उपयोग मार्गों के उन्नयन और रख रखाव के लिए किया जाता है. कैबिनेट की बैठक ने यहां से टोल प्राप्त करने की समय सीमा को जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक के लिए बढ़ा दिया है. मंत्री ने कहा कि इससे प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग दूसरी सड़क परियोजना में किया जाएगा.
सोयाबीन पर मध्य प्रदेश में होगी रिसर्च
मध्य प्रदेश में सोयाबीन पर रिसर्च के लिए केन्द्र सरकार के उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूटी की यूनिट की स्थापना की जाएगी. इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च से संबद्ध नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट को कैबिनेट ने भूमि आवंटित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह यूनिट इछाबर के भाऊखेडी में स्थापित होगी. इसके लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थाई पट्टे पर आवंटित की गई है. मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि “इस संस्थान द्वारा सोयाबीन को लेकर नई रिसर्च की जाएगी. इसका फायदा सोयाबीन उत्पादक किसानों को बेहतर बीज, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं के रूप में मिलेगा.”
अब पुरस्कार में मिलेगी 2 लाख की राशि
रानी दुर्गावती की स्मिृति में जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था कि रानी दुर्गावती पुरस्कारों और रानी अवंतीबाई पुरस्कार को और व्यापक करने की आवश्यकता है. इस दिशा में कैबिनेट में निर्णय लिया गया है कि समाज में विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाली महिलाओं को सरकार 2 लाख रुपए की राशि रानी दुर्गावती पुरस्कार के रूप में दी जाएगी. रानी अवंतिबाई वीरता पुरस्कार में भी राशि को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख किया जाएगा. कैबिनेट ने इसका अनुमोदन कर दिया है.
जांच आयोग गठित
देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुई आगजनी की घटना की जांच के लिए कैबिनेट ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठन करने का निर्णय लिया गया है. यह कमेटी इस पूरे मामले की जांच करेगी. जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.