सतना में तेज बारिश के बीच बच्चों ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा, 12 बंदियों को मिली आजादी

Parthadmin

सतना : 80वें स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर सिविल लाइन स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण एवं स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. फिर मुख्यमंत्री के संदेश वाचन का सीधा प्रसारण हुआ. इसके बाद स्कूली बच्चों ने संस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. जैसे ही बच्चों का कार्यक्रम शुरू हुआ, इस बीच जोरदार बारिश शुरू हो गई.

तेज बारिश में बच्चों का जोश बढ़ा

तेज बारिश देखकर बच्चों का जोश और हाई हो गया. बारिश बीच बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी. बच्चों ने पूरे तनमन से अपनी प्रस्तुति दी. लोगों ने भी बच्चों का हौसलाअफजाई किया. तेज बारिश के बीच शेड में उमड़े लोग बच्चों का जोश देखकर दंग रह गए. इस दौरान लगातार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही. कार्यक्रम के बाद बड़ी बरसाती के बीच बच्चों को ग्राउंड से लाया गया.

सतना केंद्रीय जेल से 12 बंदियों की रिहाई

सतना केंद्रीय जेल से 12 बंदियों की रिहाई की गई. बंदियों को अपने जीवन में आगे चलकर अच्छे कार्य करने लिए संदेश दिया गया.जेल में अपने गुनाहो की सजा काटने के बाद आज इन बंदियों को आजादी मिली है. प्रत्येक बंदी को श्रीफल, आध्यात्म से जुड़ने हेतु श्रीमद् भगवद्‌गीता, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ाव हेतु फलदार पौधा, लंच पैकेट, बंदी पारिश्रमिक पासबुक एवं बंदी का रिहाई प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया.

रिहा हुए 3 बंदियों को पारिश्रमिक मिला

केंद्रीय जेल अधीक्षक द्वारा बंदियों को अपराध से दूर रहने व अपने शेष जीवन को सद्मार्ग पर ले जाने, समाज की मुख्य धारा से जुड़कर अच्छे कार्य करने की समझाइश दी गई. रिहा होने वाले बंदियो मे सोमू कोल, लालजी कुशवाहा, कमलेश उर्फ नंदलाल उर्फ चब्बू मवासी, पप्पू बसोर, संतोष उर्फ चार्ली आदिवासी, राजकुमार उर्फ चुनकू लोध, राजाराम अहिर, रामसिंह महदेले, बैजनाथ राजपूत, नंदकिशोर अहिरवार, रन्धीर लोधी, आशीष उर्फ बाबा तिवारी शामिल हैं. जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने बताया “आजीवन कारावास के 12 बंदियों को रिहा किया गया. 3 बंदियों को एक लाख के अधिक की राशि पारिश्रमिक के रूप में मिली है.”

Share This Article
Leave a Comment