MP High Court Relief: नगर निगम के तोड़फोड़ आदेश पर स्टे, जस्टिस मनिंदर एस भट्टी की बेंच ने दी अंतरिम राहत

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जबलपुर/भोपाल : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक निर्माण के ध्वस्तीकरण पर फिलहाल रोक लगा दी है. यहां विधिवत स्वीकृत भवन निर्माण को लेकर नगर निगम द्वारा डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) का आदेश जारी किया गया था, जिसके विरुद्ध मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यखंडपीठ जबलपुर में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस मनिंदर एस भट्टी की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान की है.

भवन निर्माण की अनुमति दी, फिर तोड़ने के आदेश

याचिकाकर्ता की एडवोकेट सोनाली श्रीवास्तव ने बताया कि याचिकाकर्ता मोनिस मोहम्मद खान को भवन के निर्माण के लिए दिनांक 25 दिसंबर 2024 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा भवन अनुज्ञा प्रदान की गई थी, जिसके अंतर्गत बेसमेंट, स्टिल्ट फ्लोर और प्रथम तल से चतुर्थ तल तक निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था. इसके बावजूद एक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के आधार पर नगर निगम द्वारा 5 मार्च 2026 में निर्माण के विरुद्ध नोटिस जारी कर दिए गए.

एडवोकेट सोनाली श्रीवास्तव ने आगे बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बाद 21 अगस्त 2026 को आदेश पारित कर कथित अवैध निर्माण को 15 दिन में हटाने का निर्देश भी दे दिया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने इन सभी नोटिसों और आदेश को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बैंच में चुनौती दी.

कार्रवाई करने की शक्ति कमिश्नर के पास, अन्य अधिकारियों ने कैसे दिए नोटिस?

याचिका में प्रमुख रूप से यह प्रश्न उठाया गया है कि मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 302 एवं 307 के अंतर्गत ध्वस्तिकरण या अवैध निर्माण रोकने की कार्रवाई करने की वैधानिक शक्ति कमिश्नर के पास होती है. लेकिन इस मामले में विभिन्न नोटिस और आदेश अन्य अधिकारियों द्वारा जारी किए गए. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सोनाली श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकार-विहीन प्राधिकारी द्वारा की गई ऐसी कार्रवाई कानून की निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है. साथ ही, निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध न कराने, याचिकाकर्ता के विस्तृत जवाबों पर विचार न करने और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन न करने का भी आरोप लगाया गया है.

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत

याचिकाकर्ता की एडवोकेट द्वारा दिए गए तर्क पर सहमति जताते हुए हाईकोर्ट ने प्रोफेसर कॉलोनी के प्लॉट नंबर-15 संबंधी निर्माण पर कार्रवाई को फिलहाल रोकने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेश के आधार पर याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी. मामले पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है.

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