शिवपाल यादव की जगह लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बने अखिलेश यादव, पार्टी के साथ दो अहम ट्रस्टों पर जमाया कब्जा

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समाजवादी पार्टी (सपा) में एक और बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है. लोहिया ट्रस्ट की कमान अब शिवपाल सिंह यादव की जगह अखिलेश यादव के हाथों में आ गई है. ट्रस्ट की बैठक में सभी 8 सदस्यों ने अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाए जाने पर अपनी सहमति दी. बैठक में शिवपाल यादव और दीपक मिश्रा भी मौजूद रहे.

2017 में समाजवादी परिवार में हुए बड़े विवाद के दौरान तत्कालीन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव को हटाकर लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव को सौंपी थी. इसके बाद करीब 9 साल तक शिवपाल ट्रस्ट की कमान संभालते रहे.

लोहिया ट्रस्ट में शिवपाल का दबदबा

लोहिया ट्रस्ट में अखिलेश यादव के अलावा शिवपाल यादव, दीपक मिश्रा, आदित्य यादव, राम नरेश यादव (इटावा), रामसेवक यादव, वीरपाल यादव (बरेली) और राजेश यादव सदस्य हैं. अधिकतर सदस्य शिवपाल यादव के करीबी हैं.

अब अखिलेश के पास तीन अहम जिम्मेदारियां

इस बदलाव के बाद अखिलेश यादव के पास समाजवादी पार्टी के साथ-साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है. ऐसे में यह बदलाव सिर्फ एक ट्रस्ट के अध्यक्ष पद में परिवर्तन नहीं माना जा रहा, बल्कि समाजवादी परिवार और संगठन में अखिलेश यादव की स्थिति और मजबूत होने के तौर पर भी देखा जा रहा है.

लोहिया ट्रस्ट का गठन समाजवादी पार्टी के गठन से भी पहले हुआ था. इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है. ट्रस्ट की गतिविधियों के जरिए समाजवादी विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों के साथ पार्टी के लिए संसाधन जुटाने की भूमिका भी रही है.

शिवपाल की जगह अखिलेश क्यों?

अभी इस बदलाव की वजह को लेकर ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत राजनीतिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन जिस समय यह फैसला हुआ है, उसे देखते हुए सियासी मायने जरूर निकाले जा रहे हैं. 2017 के पारिवारिक विवाद के बाद लोहिया ट्रस्ट शिवपाल यादव के प्रभाव का एक अहम केंद्र रहा था. अब उसी ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव के पास आने का मतलब है कि 2017 में परिवार के भीतर जो सत्ता-संतुलन बना था, उसमें एक और बड़ा बदलाव हो गया है.

खास बात यह है कि इस फैसले में शिवपाल यादव भी बैठक में मौजूद थे और सभी 8 सदस्यों ने अपनी सहमति दी. इसलिए इसे टकराव की बजाय संगठन के भीतर अखिलेश के नेतृत्व को स्वीकार किए जाने के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.

2017 से 2026 तक बदली तस्वीर

2017 में जब सपा परिवार में वर्चस्व की लड़ाई चरम पर थी, तब मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव को लोहिया ट्रस्ट से हटाकर शिवपाल यादव को इसकी जिम्मेदारी दी थी. अब 2026 में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. समाजवादी पार्टी की कमान अखिलेश यादव के पास है. जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान अखिलेश के पास है और अब लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी अखिलेश के पास आ गई है.

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