योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी चुनाव से पहले पंचायत सहायकों पर तोहफों की बारिश की है। पंचायत सहायकों का मानदेय तीन हजार रुपए महीना बढ़ा दिया गया है। 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा के मामले में प्रशासक का जिम्मा संभाल रहे ग्राम प्रधानों और सचिवों के पर कतर दिए हैं। ग्राम प्रधान और सचिव, पंचायत सहायकों को अब अपने स्तर से हटा नहीं सकेंगे। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करनी होगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।
बुधवार को योगी सरकार से प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों के लिए मानदेय बढ़ोत्तरी के साथ कई खुशखबरियां एक साथ आईं। योगी सरकार ने पंचायत सहायकों के मानदेय में तीन हजार हजार रुपए की बढ़ोत्तरी की है। पंचायत सहायकों को अभी तक हर महीने में छह हजार रुपए का मानदेय मिलता था। इसे बढ़ाकर नौ हजार रुपए महीना कर दिया गया है। इस तरह उनका मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों की नौकरी को सुरक्षा, कैशलेस इलाज और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी दी गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ से पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर बातचीत के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बात की। इसके बाद उन्होंने पंचायत सहायक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए इन फैसलों की जानकारी दी। पंचायत सहायकों का मानदेय अभी राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपए का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
पंचायत सहायकों को हटाने की प्रक्रिया बदली
पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्हें सेवा से हटाने की प्रक्रिया बदल गई है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।
आंदोलन के दौरान के मुकदमे वापस होंगे
सरकार ने आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का भी फैसला किया है। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया था उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।
महिलाओं को मैटरनिटी लीव, कैशलेस इलाज
सरकार ने महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) की सुविधा देने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को इलाज के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।
मंत्री से बातचीत के बाद धरना खत्म
अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। इस बातचीत के बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायतसहायकों ने अपना धरना खत्म कर दिया।