भोपाल में सशक्त उद्यमी समिट: मुख्यमंत्री ने दिया औद्योगिक विकास को नया आयाम

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भोपाल: राजधानी में शनिवार को रवीन्द्र भवन में अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 के तहत सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्य प्रदेश समिट का आयोजन किया गया. इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे उद्योगपतियों के खातों में ट्रांसफर की. इस कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने इस दौरान एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ आफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन किया और युवा स्टार्टअप संचालकों से सीधा संवाद कर उनके नवाचारों को सराहा.

​सीएम ने की 1500 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि का अंतरण

​इस समिट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास की रीढ़ माने जाने वाले उद्योगों को बड़ी सौगात दी. उन्होंने एमएसएमई इकाइयों को 225.19 करोड़, विभिन्न उभरते हुए स्टार्ट-अप्स को लगभग 39 लाख तथा वृहद उद्योगों के विकास के लिए 1,274 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया.

​4.41 लाख से अधिक इकाइयों की कमान बहनों के हाथ

​मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश की महिलाओं की उद्यमशीलता की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि देश में संचालित लगभग 7 करोड़ एमएसएमई इकाइयों में से 25 लाख से अधिक अकेले मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं. सबसे गर्व की बात यह है कि इनमें से 4 लाख 41 हजार से अधिक इकाइयों का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही हैं, जो प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त उदाहरण है. उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न नीतियों और पूंजी, प्रशिक्षण व बाजार तक आसान पहुंच के कारण महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं.

​कपास उत्पादक किसानों और कॉटन इंडस्ट्री को बड़ी राहत

​किसानों और व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने कपास पर लगने वाल मंडी शुल्क को एक प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत करने की घोषणा की. इस निर्णय से कॉटन इंडस्ट्री को दोबारा नई गति मिलेगी. कपास उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का सही और बेहतर मूल्य मिल सकेगा और प्रदेश में कपास के व्यापार को एक बढ़ावा मिलेगा. अरहर और तुअर की दाल को लेकर भी सरकार द्वारा इसी तरह के अनुकूल प्रयास किए जा रहे हैं.

दो वर्षों में 69 प्रतिशत की वृद्धि और 20 नए जीआई टैग

​डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2022-24 में जहां एमएसएमई इकाइयों की संख्या 1 लाख 56 हजार थी, वहीं वर्ष 2024 से 2026 के बीच इसमें 69 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह संख्या अब बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है. इसके साथ ही वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश की समृद्ध कला और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाते हुए रिकार्ड 20 नए जीआई टैग प्राप्त हुए हैं.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 9,300 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आ चुका है और कई बड़े प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं. इसी कड़ी में सात नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का भूमिपूजन भी किया गया है.

​भोपाल में होगी अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट

​मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश में निवेश को और बड़े पैमाने पर आकर्षित करने के लिए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन राजधानी भोपाल में किया जाएगा. इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. इसके अतिरिक्त युवाओं को रोजगार और नवाचार के अधिक अवसर प्रदान करने के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का एक बड़ा निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उद्योगपति समाज में कई परिवारों को रोजगार देता है, इसलिए सरकार हर जिले और हर क्षेत्र में उद्योग लगाने और सभी को साथ लेकर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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