मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र की 17 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनाव में 16 सीटों पर सत्तारूढ़ महायुति ने जीत हासिल की है, लेकिन एक सीट पर भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते को निर्दलीय उम्मीदवार को रूप में मिली जीत ने सभी को चौंका दिया है। विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी को एक भी सीट नहीं मिली।
विधान परिषद की 17 सीटों में से छह सीटों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। शेष 11 सीटों के लिए 18 जून को मतदान हुआ था। सोमवार को इन 11 सीटों के चुनाव परिणाम आने के बाद कुल 17 में से 11 सीटों पर भाजपा, तीन सीटों पर शिवसेना, दो सीटों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस एवं एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है। नासिक में शिवेसना को हराने वाले निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा के बागी गोकुल गीते हैं।
MVA का नहीं खुला खाता
निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल की जीत ने सर्वाधिक चकित किया है। उन्होंने शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराया है। उनकी सीट का चुनाव शुरुआत से ही दिलचस्प था। वहां 618 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
वैध मतों के आधार पर जीत के लिए 303 मतों का कोटा तय था। 357 वोट हासिल कर गोकुल पहले ही दौर में जीत गए। नरेंद्र दराडे को 248 वोट मिले। तीसरे उम्मीदवार प्रसाद हिरे को एक भी वोट नहीं मिला।
नासिक का परिणाम अहम
भाजपा-शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद गोकुल ने व्यक्तिगत तौर पर अपना प्रचार तो रोक दिया था, लेकिन उनके समर्थक उनका प्रचार लगातार करते रहे। जिसका परिणाम उनकी जीत के रूप में सामने आया। उनकी जीत को शिवसेना-भाजपा के बीच चल रही खींचतान का परिणाम माना जा रहा है।
कहा जा रहा है कि एक ओर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आपरेशन टाइगर में व्यस्त रहे, दूसरी ओर भाजपा ने अपने बागी उम्मीदवार को समर्थन देकर शिंदे के ही उम्मीदवार को हरवा दिया।