‘राष्ट्र प्रथम’ ही रहा अटल जी के जीवन का ध्येय, दल से ऊपर देश को दिया महत्व : योगी आदित्यनाथ

Parthadmin

लखनऊ : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन स्थित अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण उन्हें नमन किया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अलावा सरकार के अन्य मंत्री और नेता भी मौजूद रहे. सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धा सुमन अर्पित किए.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी के जीवन का केवल एक ध्येय था राष्ट्र प्रथम. उन्होंने हमेशा दल से ऊपर देश को महत्व दिया. जब कांग्रेस ने इमरजेंसी थोपी तो उन्होंने उस आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था. 1962, 1965 का युद्ध या फिर 1971 का युद्ध रहा हो, इन सबमें उन्होंने कभी भी सरकार को कठघरे में खड़ा करने के बजाय सरकार के साथ एक जिम्मेदार सांसद के रूप में खड़े होकर राष्ट्र सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद व निष्कलंक रहा है. भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में राष्ट्र सर्वोपरि के भाव के साथ निरंतर कार्य करते रहे. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर से धारा 370 लगाने के विरोध में चले सत्याग्रह से प्रारंभ किया था. देश के अंदर सांसद, विदेशमंत्री, भारतीय जनसंघ व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेता विरोधी दल, प्रधानमंत्री के रूप समेत अलग अलग भूमिकाओं में एक भाव के साथ राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ कार्य किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी जितने सहज और सरल थे उतने ही अपने इरादों के अटल थे. कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने अटल जी के उसे दृढ़ संकल्प का लोहा माना था. अटल जी ने उस समय कहा था हम पर युद्ध थोपा गया है और हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे. दुनिया के सामने झुके बगैर भारत की सुरक्षा के लिए कैसे कदम उठाए जाने चाहिए. भारत को एटॉमिक पावर के रूप में स्थापित करके अटल जी ने साबित करके दिखाया था.

Share This Article
Leave a Comment