मध्य प्रदेश में राजनीतिक घमासान, इंदौर-जबलपुर की उपेक्षा पर बयानबाज़ी तेज

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जबलपुर: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की उपेक्षा का सवाल खड़ा करके पूरे प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. जबलपुर में भी कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तनख्वाह ने जबलपुर की उपेक्षा का सवाल खड़ा किया है और जबलपुर से जुड़े मुद्दे सामने रखे हैं. इसके जवाब में मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि, ”अभी तक जबलपुर में जो भी हुआ है वह भाजपा ने ही करवाया है, इसलिए कांग्रेसियों को सवाल नहीं पूछना चाहिए.”

‘जबलपुर में तो बगावत हो जानी चाहिए’

कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की उपेक्षा को लेकर उठाया है. मुद्दा अब पूरे प्रदेश की राजनीति को प्रभावित कर रहा है. जबलपुर से कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर की अपेक्षा के मामले को जबलपुर से जोड़ते हुए कहा कि, ”उपेक्षा जबलपुर की भी हुई है और जब कैलाश विजयवर्गीय इस मामले में बोल सकते हैं तो जबलपुर में तो बगावत हो जानी चाहिए.

तन्खा का आरोप, बदहाल स्थिति में जबलपुर

विवेक तन्खा ने अपने ट्वीट में कहा, ”यदि कैलाश जी इंदौर की उपेक्षा से आहत हैं, तो जबलपुर और महाकौशल में बग़ावत की स्थिति होनी चाहिए. मेडिकल यूनिवर्सिटी का विभाजन, MPEB का कौन-सा अंश जबलपुर में बचा है? मनेरी औद्योगिक क्षेत्र का नामोनिशान तक नहीं है. डिफेंस फैक्ट्रियां बदहाल हैं, क्रिकेट स्टेडियम का नामोनिशान नहीं है. डिफेंस क्लस्टर कहां है? जबलपुर की 3 लाख महिलाएं, जो स्टिचिंग और वस्त्र कारोबार से जुड़ी हैं, उनके बाज़ार के बारे में कौन सोच रहा है? क्या जबलपुर में पिछले 30-40 वर्षों में कोई नया उद्योग आया है? क्या CM साहब का ध्यान इस ओर भी आकर्षित होगा?

राकेस सिंह का पलटवार, सारा विकास भाजपा के राज में हुआ

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के ट्वीट के जवाब में मध्य प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री और जबलपुर पश्चिम से विधायक राकेश सिंह ने दिया. राकेश सिंह का कहना है कि, ”कांग्रेस को महाकौशल और जबलपुर की विकास को लेकर कोई सवाल नहीं करना चाहिए. क्योंकि इनके कार्यकाल में कभी जबलपुर का विकास नहीं हुआ,” राकेश सिंह का कहना है कि, ”केवल मोहन यादव के कार्यकाल में जबलपुर को केवल लोक निर्माण विभाग से ही साढे़ तीन हजार करोड़ की सौगातें मिली हैं.”

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