मुंबई । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना कथित तौर पर ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ की तैयारी में जुटी है।
दावा किया जा रहा है कि इस अभियान के जरिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक और बड़ा झटका लग सकता है।
पहले भी लग चुके हैं बड़े राजनीतिक झटके
हाल के दिनों में ठाकरे गुट के कई प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के शिंदे गुट में शामिल होने से महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव देखने को मिला है। इसी बीच अब ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है।
10 विधायकों के संपर्क में होने का दावा
शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि ठाकरे गुट के करीब 10 विधायकों के साथ पिछले कुछ दिनों से लगातार संपर्क और गोपनीय बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में उन्हें शिंदे गुट में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की गई है और दावा किया जा रहा है कि इसमें सफलता भी मिली है।
हालांकि, इन कथित 10 विधायकों के नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। वहीं, संबंधित विधायकों या ठाकरे गुट की ओर से भी इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है ‘ऑपरेशन टाइगर-3’?
मिली जानकारी के अनुसार, ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ शिंदे गुट की एक संभावित राजनीतिक रणनीति बताई जा रही है। चर्चा है कि इसके तहत विपक्षी दलों के प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों को अपने साथ जोड़कर संगठन को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस अभियान को लेकर शिंदे गुट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ठाकरे और पवार गुट में बढ़ी बेचैनी?
इन दावों के बाद उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में राजनीतिक हलचल और असहजता की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अब तक इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत या आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल केवल दावे और सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।