मुंबई। परिसीमन बिल को लेकर ये कयास लगाए जा रहे थे कि NCP (शरद पवार) इस बार विधेयक का समर्थन कर सकती है, लेकिन सांसद सुप्रिया सुले ने आज बुधवार को इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया।
सुप्रिया सुले ने साफ किया कि पार्टी इस प्रक्रिया का समर्थन करने पर तभी विचार करेगी जब सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या एक समान रूप से 50% बढ़ाई जाए, न कि सिर्फ आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण किया जाए।
सुप्रिया सुले ने सरकार के सामने रखी शर्त
सांसद सुप्रिया सुले ने पहले के परिसीमन प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा, ‘पिछला विधेयक आबादी पर आधारित था। वो एक ऐसा विधेयक था, जिसका DMK समेत कई पार्टियों ने विरोध किया था, क्योंकि इससे दक्षिणी राज्यों पर बुरा असर पड़ता।’
सुप्रिया सुले ने आगे बताया कि उनकी पार्टी ने बहस के दौरान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में कई सुझाव दिए थे।
सुले ने कहा, ‘हमने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया था कि अलग-अलग पार्टियों के साथ अलग-अलग चर्चा करने के बजाय सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।’
सुप्रिया सुले ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि NCP (शरद पवार), शिवसेना (UBT), कांग्रेस और DMK परिसीमन बिल का समर्थन करने पर सहमत हो गए हैं।
लोकसभा सीटों में 50% की बढ़ोतरी की मांग
सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के प्रस्ताव के बारे में बताते हुए कहा कि अगर महाराष्ट्र की मौजूदा 48 लोकसभा सीटों को 50% बढ़ाया जाए, तो कुल सीटें 72 हो जानी चाहिए।’
सुले ने आगे कहा, ‘इनमें से, संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित होनी चाहिए, उसके बाद महिलाओं के लिए 33% आरक्षण हो, और बाकी सीटें अन्य श्रेणी के लिए हों।’
NCP (शरद पवार) की सांसद ने आगे कहा, ‘यही फॉर्मूला पूरे देश में, कश्मीर से कन्याकुमारी तक, एक समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।’
सुले ने कहा, ‘ऐसे फॉर्मूले में कोई समानता नहीं है। उनकी पार्टी बिल का समर्थन करने पर तभी विचार करेगी जब इन सुझावों को शामिल किया जाएगा और सरकार साफ तौर पर बताएगी कि परिसीमन प्रक्रिया कैसे लागू की जाएगी।’
NDA में नहीं शामिल होगी NCP शरद
सुप्रिया सुले ने शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP के NDA में शामिल होने की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने ऐसी अटकलों को झूठा और बेबुनियाद बताया।
सुले ने मंगलवार देर रात NCP (शरद पवार) के सीनियर नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई मुलाकात पर बताया कि ये मीटिंग उनके चुनाव क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हुई थी। इसका किसी भी तरह के राजनीतिक गठबंधन या विलय से कोई लेना-देना नहीं था।
जयंत पाटिल ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुंबई में ‘वर्षा’ (CM का सरकारी आवास) पर मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग के दौरान वे NCP के दूसरे गुट के नेताओं (सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल) से नहीं मिले।