नई दिल्ली: देश में साफ और सुरक्षित रसोई ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को सरकार ने घरों तक पाइप से पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के कनेक्शनों को तेजी से बढ़ाने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है. यह योजना 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में लागू होगी.
इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरेलू पीएनजी नेटवर्क का विस्तार करना और उन कनेक्शनों को चालू करना है जो लग तो चुके हैं लेकिन अभी चालू नहीं हुए हैं. वर्तमान में भारत में लगभग 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं. सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार पारंपरिक सिलेंडरों को छोड़कर इस आधुनिक और सुरक्षित व्यवस्था को अपनाएं.
कंपनियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस योजना के तहत, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को हर नए और चालू कनेक्शन पर सरकार की तरफ से सस्ती घरेलू ‘एपीएम (APM) गैस’ का अतिरिक्त कोटा मिलेगा. हर नए चालू कनेक्शन पर कंपनियों को 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) अतिरिक्त गैस दी जाएगी. यह योजना छह महीने की अवधि में दो चरणों में लागू की जाएगी.
इस सस्ती गैस के मिलने से कंपनियों की लागत बहुत कम हो जाएगी. अभी कंपनियों को वाहनों के लिए सीएनजी (CNG) सप्लाई करने के लिए विदेशों से महंगी एलएनजी (LNG) आयात करनी पड़ती है. अब इस घरेलू गैस से उनकी लागत घटेगी. सरकार के अनुसार, इस बचत से कंपनियों का जो खर्च पहले 10 साल में वसूल होता था, वह अब मात्र 3 साल में पूरा हो जाएगा. इससे कंपनियां नए इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के लिए प्रोत्साहित होंगी.
आम उपभोक्ताओं को क्या लाभ होगा?
- सिलेंडर के झंझट से मुक्ति: एलपीजी सिलेंडर की तरह इसे बार-बार बुक करने, डिलीवरी का इंतजार करने या सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं होगी.
- मीटर से बिलिंग: बिजली और पानी के बिल की तरह उपभोक्ता जितनी गैस का उपयोग करेंगे, सिर्फ उतने का ही भुगतान करना होगा.
- अधिक सुरक्षा: पीएनजी हवा से हल्की होती है. यदि कभी गैस लीक भी हो, तो यह हवा में तुरंत फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा बेहद कम होता है.
- बेहतर स्वास्थ्य: यह पूरी तरह स्वच्छ ईंधन है. इससे धुआं नहीं होता, जिससे घर के भीतर की हवा साफ रहती है.