महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, शरद पवार-शिंदे मुलाकात से गठबंधन की अटकलें तेज

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मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को हुए घटनाक्रमों ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी। राकांपा (शरद पवार) के अध्यक्ष शरद पवार की उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के केबिन में जाकर मुलाकात, इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े तथा राकांपा (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की एक होटल में हुई मुलाकात ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

हालांकि, शरद पवार, शिंदे गुट और भाजपा तीनों ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है। बावजूद इसके राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि महाराष्ट्र की राजनीति में कोई नई रणनीति तैयार की जा रही है।

इन सभी घटनाओं को जोड़कर शरद पवार के राजग में शामिल होने की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। लेकिन इन अटकलों को स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह कहते हुए विराम देने की कोशिश की है कि राजग में फिलहाल किसी नए दल का प्रवेश नहीं होने जा रहा है। भाजपा इस समय अपने दल को मजबूत करने में जुटी है।

बुधवार को महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर आयोजित एक बैठक में भाग लेने के लिए शरद पवार विधानभवन पहुंचे थे। वह इस मुद्दे पर हुई किसी बैठक में 28 साल बाद शामिल हुए। इसी दौरान वह उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के केबिन में गए और उनसे मुलाकात की।

इसके बाद उन्होंने वहीं अपनी पार्टी के विधायकों के साथ बैठक भी की। इस घटनाक्रम के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मुलाकात के बाद शिंदे गुट और शरद पवार गुट की ओर से सफाई दी गई कि यह मुलाकात पूरी तरह औपचारिक थी। इसका किसी राजनीतिक समीकरण से कोई संबंध नहीं है।

दोनों पक्षों ने कहा कि विधानभवन में वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह की मुलाकातें सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं।

वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े की हाल ही में राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधान परिषद सदस्य एकनाथ खडसे से हुई मुलाकात ने भी राजनीतिक गलियारों में अटकलों को जन्म दे दिया है।

लेकिन खडसे ने इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया और किसी भी राजनीतिक महत्व की अटकलों को खारिज कर दिया है। विनोद तावड़े केंद्र सरकार में मंत्री रक्षा खडसे के मुंबई स्थित आवास पर गए थे, जहां उनकी मुलाकात एकनाथ खडसे से हुई। रक्षा खडसे एकनाथ खडसे की पुत्रवधू हैं। इस मुलाकात के बाद खडसे ने कहा कि यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी।

संजय राउत ने शरद पवार की राजनीतिक भूमिका पर उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए शरद पवार की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। राउत के बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

राउत के आरोपों का जवाब देते हुए पवार की पार्टी के विधायक जीतेंद्र आह्वाड ने पलटवार किया। कहा कि किसी वरिष्ठ नेता की औपचारिक मुलाकात को लेकर अनावश्यक राजनीतिक अर्थ निकालना उचित नहीं है। आह्वाड ने राउत पर बिना तथ्यों के टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक शिष्टाचार को भी समझना चाहिए।

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